श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.22.9 
আমি নাহি বলি,—এই বেদের বচন
সাক্ষাতে ও কহিযাছে শচীর নন্দন
आमि नाहि बलि,—एइ वेदेर वचन
साक्षाते ओ कहियाछे शचीर नन्दन
 
 
अनुवाद
ये मेरे शब्द नहीं हैं, ये वेदों का कथन है। शचीपुत्र ने भी स्वयं इसकी घोषणा की है।
 
These are not my words, they are the words of the Vedas. Shachiputra himself has declared this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)