यदि कोई कृष्ण की कृपा प्राप्त करने के बाद भी किसी वैष्णव के प्रति अपराध करता है, तो उसकी भगवद्प्रेम प्राप्ति रुक जाती है।
If someone commits an offense against a Vaishnava even after receiving Krishna's grace, his attainment of God's love is stopped.
तात्पर्य
नाम अपराध के प्रभाव से व्यक्ति वैष्णवों का अपमान करने वाला कृष्ण की अर्चना नहीं कर सकता। भले ही अन्य लोग यह समझते हैं कि ये लोग पवित्र नामो का उच्चारण करने का दिखावा कर प्रभु की दया प्राप्त कर रहे हैं, परंतु परम प्रभु उन लोगों से कभी प्रसन्न नहीं होते जो भक्तों के विरोधी हैं। इसलिए पवित्र नामों का उच्चारण करते समय दस अपराधों से बचने की बात करते हैं, जिनमें भक्तों की निंदा को सबसे पहले छोड़ना चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥