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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन
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श्लोक 78
श्लोक
2.22.78
সবেই বলেন,—“সূত্র ভাল বাখানিলা”
প্রভু বলে,—“ভাণ্ডাইলুঙ্, কিছু না বুঝিলা”
सबेइ बलेन,—“सूत्र भाल वाखानिला”
प्रभु बले,—“भाण्डाइलुङ्, किछु ना बुझिला”
अनुवाद
वे बोले, "आपने सूत्रों की व्याख्या बहुत अच्छी तरह से की है।" विश्वरूप प्रभु ने उत्तर दिया, "मैंने आपको धोखा दिया है। आपने कुछ भी नहीं समझा।"
He said, "You have explained the sutras very well." Visvarupa Prabhu replied, "I have deceived you. You did not understand anything."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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