श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  2.22.75 
জিজ্ঞাসা করিতে যাহা কারো লয মনে
সবে মেলিঽ তাহা জিজ্ঞাসহ আমাঽ-স্থানে”
जिज्ञासा करिते याहा कारो लय मने
सबे मेलिऽ ताहा जिज्ञासह आमाऽ-स्थाने”
 
 
अनुवाद
“तुम सब एक हो जाओ और मुझसे जो चाहो मांगो।
 
“All of you unite and ask me whatever you want.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)