श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  2.22.74 
“তোমরা তঽ আমারে জিজ্ঞাসা না করিলা
বাপের স্থানেতে আমাঽ শাস্তি করাইলা
“तोमरा तऽ आमारे जिज्ञासा ना करिला
बापेर स्थानेते आमाऽ शास्ति कराइला
 
 
अनुवाद
“तुममें से किसी ने भी मुझसे प्रश्न नहीं किया, इसलिए मुझे मेरे पिता ने दण्ड दिया।
 
“None of you questioned me, so I was punished by my father.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)