श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.22.72 
পরম উদার জগন্নাথ মহাভগ
ঘরে গেলা পুত্রেরে করিযা বড রাগ
परम उदार जगन्नाथ महाभग
घरे गेला पुत्रेरे करिया बड राग
 
 
अनुवाद
परम भाग्यशाली और महान उदार जगन्नाथ अपने पुत्र पर महान क्रोध प्रकट करने के बाद घर लौट आये।
 
Jagannatha, the most fortunate and generous, returned home after expressing great anger at his son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)