বৈষ্ণবের কৃপায সে পাই বিশ্বম্ভর
ঽভক্তিঽ বিনা জপ-তপ অকিঞ্চিত্কর
वैष्णवेर कृपाय से पाइ विश्वम्भर
ऽभक्तिऽ विना जप-तप अकिञ्चित्कर
अनुवाद
विश्वम्भर की प्राप्ति केवल वैष्णवों की कृपा से ही हो सकती है। भक्ति के बिना जप और तप व्यर्थ हैं।
Vishvambhar can only be attained through the grace of Vaishnavas. Without devotion, chanting and austerities are futile.
तात्पर्य
भगवान के नाम का जप और तपस्या करना बिना प्रभु की सेवा के अनुरूप झुकाव के, केवल व्यर्थ श्रम है। परम प्रभु के सेवकों की कृपा के बिना, प्रभु की सेवा की ओर झुकाव जगाया नहीं जा सकता।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥