श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.22.6 
দেবানন্দ-হেন সাধু চৈতন্যের ঠাঞি
সম্মুখ হৈতে যোগ্য নহিল তথাই
देवानन्द-हेन साधु चैतन्येर ठाञि
सम्मुख हैते योग्य नहिल तथाइ
 
 
अनुवाद
देवानंद जैसे साधु भगवान चैतन्य के सामने खड़े होने में असमर्थ थे।
 
Sadhus like Devananda were unable to stand before Lord Chaitanya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)