श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  2.22.59 
ঽইহারে অদ্বৈত-নাম কেনে লোকে ঘোষে?ঽ
ঽদ্বৈতঽ বলিলেন আই কোন অসন্তোষে
ऽइहारे अद्वैत-नाम केने लोके घोषे?ऽ
ऽद्वैतऽ बलिलेन आइ कोन असन्तोषे
 
 
अनुवाद
'लोग उन्हें अद्वैत क्यों कहते हैं?' और किस अप्रसन्नता के कारण माता शची ने उन्हें द्वैत कहा?
 
‘Why do people call Him Advaita?’ And what displeasure caused Mother Shachi to call Him Dvaita?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)