অন্যের কি দায, গৌর-সিṁহের জননীতাঙ্
হারে ও ঽবৈষ্ণবাপরাধঽ করিঽ গণি
अन्येर कि दाय, गौर-सिꣳहेर जननीताङ्
हारे ओ ऽवैष्णवापराधऽ करिऽ गणि
अनुवाद
अन्यों की तो बात ही क्या, यहाँ तक कि गौरसिंह की माता भी वैष्णवों की अपराधी समझी जाने से बच नहीं सकीं।
Forget about others, even Gaurasingh's mother could not escape being considered a criminal by the Vaishnavas.
तात्पर्य
वैष्णवों की निंदा करने का दुस्साहस करने वाले वे सबसे पापी अपराधी हैं जो भगवान के क्रोध से पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। जब वैष्णव अपराध ने माँ शची देवी पर भी अपनी दुर्जेय शक्ति का प्रदर्शन किया, जिनका सौभाग्य श्री गौरसुंदर की माँ होना था, तो दूसरों की क्या बात करें?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥