श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  2.22.43 
যেই গঙ্গা, সেই আই, কিছু ভেদ নাই
দেবকী-যশোদা যেই, সে-ই বস্তু আই”
येइ गङ्गा, सेइ आइ, किछु भेद नाइ
देवकी-यशोदा येइ, से-इ वस्तु आइ”
 
 
अनुवाद
"गंगा और माता शची में कोई अंतर नहीं है। वास्तव में, वे देवकी और यशोदा से अभिन्न हैं।"
 
"There is no difference between Ganga and Mother Shachi. In fact, they are identical with Devaki and Yashoda."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)