vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन
»
श्लोक 41
श्लोक
2.22.41
বিষ্ণু-ভক্তি-স্বরূপিণীআই জগন্-মাতাতো
মরা বা মুখে কেনে আনঽ হেন কথা
विष्णु-भक्ति-स्वरूपिणीआइ जगन्-मातातो
मरा वा मुखे केने आनऽ हेन कथा
अनुवाद
"वह ब्रह्माण्ड की माता हैं और भगवान विष्णु की भक्ति का साक्षात् स्वरूप हैं। आप ऐसी बातें कैसे कह सकते हैं?"
"She is the mother of the universe and the very embodiment of devotion to Lord Vishnu. How can you say such things?"
तात्पर्य
पवित्रतम माता शची साक्षात भक्ति की मूर्ति हैं, इसलिए ऐसे उतावले शब्द बोलना अनुचित है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×