श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.22.4 
বাক্য-দণ্ড দেবানন্দ-পণ্ডিতেরে করিঽ
আইলা আপন-ঘরে গৌরাঙ্গ-শ্রী-হরি
वाक्य-दण्ड देवानन्द-पण्डितेरे करिऽ
आइला आपन-घरे गौराङ्ग-श्री-हरि
 
 
अनुवाद
देवानंद पंडित को दंडित करने के बाद, भगवान गौरांग अपने घर लौट आए।
 
After punishing Devananda Pandit, Lord Gauranga returned to his home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)