श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.22.39 
যাঙ্র গার্ভে মোহার প্রভুর অবতার
সে মোর জননী, মুঞি পুত্র সে তাঙ্হার
याङ्र गार्भे मोहार प्रभुर अवतार
से मोर जननी, मुञि पुत्र से ताङ्हार
 
 
अनुवाद
“जिसके गर्भ से मेरे प्रभु अवतरित हुए, वह मेरी माता है और मैं उसका पुत्र हूँ।
 
“The one from whose womb my Lord was born is my mother and I am her son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)