শুনিযা অদ্বৈত করে শ্রী-বিষ্ণু-স্মরণ
“তোমরা লৈতে চাহ আমার জীবন
शुनिया अद्वैत करे श्री-विष्णु-स्मरण
“तोमरा लैते चाह आमार जीवन
अनुवाद
उनकी बातें सुनकर अद्वैत ने भगवान विष्णु को याद किया और पूछा, "क्या तुम सब मुझे मारना चाहते हो?"
Hearing their words, Advaita remembered Lord Vishnu and asked, "Do you all want to kill me?"
तात्पर्य
जब भक्तगण श्री अद्वैत प्रभु के पास गए और उन्होंने उनसे शचीमाता के अपराध को क्षमा करने का अनुरोध किया, तो अद्वैत प्रभु ने भगवान विष्णु को याद किया और भक्तगणों को सूचित किया कि वह उनकी बात सुनकर अपराध कर रहे हैं। "हम उस माता के आश्रित हैं जिसने अपने गर्भ में सर्वोच्च भगवान को धारण किया था, इसलिए क्या हम कभी यह सोच सकते हैं कि हमारी माता अपराधी हैं? मेरे सिर पर मेरी माँ के पैर की धूल लेकर अपने आप को शुद्ध करने के बजाय, आप मेरी माँ के लिए मेरे सम्मान और भक्ति को नष्ट करने के लिए तैयार हैं।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥