श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.22.29 
সবার জীবন আই জগতের মাতামাযা
ছাডিঽ প্রভু, তানে হও ভক্তি-দাতা
सबार जीवन आइ जगतेर मातामाया
छाडिऽ प्रभु, ताने हओ भक्ति-दाता
 
 
अनुवाद
"माँ शची सबका जीवन और जगत की जननी हैं। हे प्रभु, अपनी माया त्यागकर उन्हें भक्ति प्रदान कीजिए।
 
"Mother Sachi is the life of all and the mother of the world. O Lord, give up your illusion and give her devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)