श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.22.24 
মহাশয শ্রীনিবাস বলেন,—“গোসাঞি!
আইরে দেযাব প্রেম, এই সবে চাই”
महाशय श्रीनिवास बलेन,—“गोसाञि!
आइरे देयाब प्रेम, एइ सबे चाइ”
 
 
अनुवाद
श्रीनिवास महाशय ने कहा, “हे प्रभु, हम सभी चाहते हैं कि आप माता शची को परमानंदपूर्ण प्रेम प्रदान करें।”
 
Srinivasa Mahasaya said, “O Lord, we all want You to bestow ecstatic love upon Mother Sachi.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)