श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.22.21 
কেহ বলে,—“মোর বাপ বড দুষ্ট-মতি
তার চিত্ত ভাল হৈলে মোর অব্যাহতি”
केह बले,—“मोर बाप बड दुष्ट-मति
तार चित्त भाल हैले मोर अव्याहति”
 
 
अनुवाद
किसी ने कहा, "मेरे पिता पापी स्वभाव के हैं। अगर उनका हृदय बदल जाए तो मुझे राहत मिलेगी।"
 
Someone said, "My father is of a sinful nature. If he changes his heart, I will be relieved."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)