vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन
»
श्लोक 126
श्लोक
2.22.126
সকল-সর্বজ্ঞ-চূডামণি বিশ্বম্ভর
জানেন বিলম্বে হৈবেক বহুতর
सकल-सर्वज्ञ-चूडामणि विश्वम्भर
जानेन विलम्बे हैबेक बहुतर
अनुवाद
विश्वम्भर सर्वज्ञ पुरुषों के शिखर रत्न हैं, अतः वे जानते थे कि और अधिक विलम्ब करने से ऐसे और भी अनेक लोग उत्पन्न होंगे।
Vishvambhara is the pinnacle of all-knowing men, so he knew that any further delay would result in the birth of many more such people.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×