श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  2.22.125 
সে-সব-গণের পক্ষ অদ্বৈত ধরিতে
এত বড শক্তি নাহি—এ দণ্ড দেখিতে
से-सब-गणेर पक्ष अद्वैत धरिते
एत बड शक्ति नाहि—ए दण्ड देखिते
 
 
अनुवाद
दण्ड की यह लीला सबने देखी तो समझ में आ गया कि अद्वैत प्रभु में ऐसे लोगों की रक्षा करने की शक्ति नहीं है।
 
When everyone saw this play of punishment, they understood that Advaita Prabhu does not have the power to protect such people.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)