श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 124
 
 
श्लोक  2.22.124 
যে বলিবে অদ্বৈতেরে ঽপরম বৈষ্ণবঽ
তাহারে বেডিযা লঙ্ঘিবে পাপী সব
ये बलिबे अद्वैतेरे ऽपरम वैष्णवऽ
ताहारे वेडिया लङ्घिबे पापी सब
 
 
अनुवाद
वे पापी लोग उन लोगों का उपहास करेंगे जो अद्वैत को “सर्वोच्च वैष्णव” के रूप में स्वीकार करते हैं।
 
Those sinful people will ridicule those who accept Advaita as “supreme Vaishnava”.
तात्पर्य
वक्ताओं के रूप में पापी अपराधी अध्वैत प्रभु को इस कथन का विरोध करके ठेस पहुंचाएंगे: "श्री अध्वैत प्रभु सीधे कृष्ण नहीं हैं, वह एक महान वैष्णव हैं।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)