श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 110
 
 
श्लोक  2.22.110 
বিশ্বম্ভর দেখিঽ সব পাসরিলা দুঃখ
প্রভু ও মাযের বড বাডাযেন সুখ
विश्वम्भर देखिऽ सब पासरिला दुःख
प्रभु ओ मायेर बड बाडायेन सुख
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर को देखकर वह सारा दुःख भूल गई और भगवान ने भी उसकी प्रसन्नता बढ़ाने का प्रयास किया।
 
Seeing Vishvambhar, she forgot all her sorrows and God also tried to increase her happiness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)