श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.22.11 
আপনে সে অপরাধ প্রভু ঘুচাইযা
মাযেরে দিলেন প্রেম সবাঽ শিখাইযা
आपने से अपराध प्रभु घुचाइया
मायेरे दिलेन प्रेम सबाऽ शिखाइया
 
 
अनुवाद
भगवान ने अपनी माता को तभी परमानंदपूर्ण प्रेम प्रदान किया जब यह सुनिश्चित हो गया कि वह उस अपराध से मुक्त हो गयी हैं।
 
The Lord bestowed ecstatic love upon His mother only after ascertaining that she was free from that guilt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)