श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 21: भगवान द्वारा देवानंद को प्रताड़ना  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  2.21.85 
মধ্য-খণ্ড-কথা যেন অমৃতের খণ্ড
যে কথাশুনিলে ঘুচে অন্তর-পাষণ্ড
मध्य-खण्ड-कथा येन अमृतेर खण्ड
ये कथाशुनिले घुचे अन्तर-पाषण्ड
 
 
अनुवाद
मध्यखण्ड के विषय अमृत के समान हैं। इन्हें सुनने से हृदय में स्थित नास्तिकता नष्ट हो जाती है।
 
The topics in the middle section are like nectar. Listening to them destroys the atheism in the heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)