श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 21: भगवान द्वारा देवानंद को प्रताड़ना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.21.60 
অক্ষরে অক্ষরে ভাগবত প্রেম-ময
শুনিযা দ্রবিল শ্রীনিবাসের হৃদয
अक्षरे अक्षरे भागवत प्रेम-मय
शुनिया द्रविल श्रीनिवासेर हृदय
 
 
अनुवाद
श्रीमद्भागवत का प्रत्येक अक्षर परमानंद प्रेम से भरा हुआ है, अतः उस पाठ को सुनकर श्रीवास का हृदय पिघल गया।
 
Every syllable of the Srimad Bhagavatam is filled with blissful love, so Srivasa's heart melted upon hearing that recitation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)