श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 21: भगवान द्वारा देवानंद को प्रताड़ना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.21.49 
মদ্যপে ও সুখ পায চৈতন্যে দেখিযা
একলে নিন্দযে পাপী সন্ন্যাসী দেখিযা
मद्यपे ओ सुख पाय चैतन्ये देखिया
एकले निन्दये पापी सन्न्यासी देखिया
 
 
अनुवाद
यहाँ तक कि शराबी भी भगवान चैतन्य को देखकर प्रसन्न होते थे, जबकि पापी संन्यासी उन्हें देखकर केवल ईशनिंदा करने लगते थे।
 
Even drunkards were delighted to see Lord Chaitanya, while sinful sannyasis simply blasphemed upon seeing Him.
तात्पर्य
मद्यपों को भी महाप्रभु को देखकर हर्ष होता था। केवल निन्‍दनीय, विवेक-शून्य, त्याग के सिद्धान्तों का दुरुपयोग करनेवाले ही निन्‍दा करते थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)