श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 21: भगवान द्वारा देवानंद को प्रताड़ना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.21.41 
প্রভু বলে,—“তোমার নাহিক যাঽতে ইচ্ছানা
উঠিব, তোর বাক্য না করিব মিছা”
प्रभु बले,—“तोमार नाहिक याऽते इच्छाना
उठिब, तोर वाक्य ना करिब मिछा”
 
 
अनुवाद
प्रभु ने कहा, "यदि तुम्हारी यही इच्छा है तो मैं प्रवेश नहीं करूँगा। मैं तुम्हारी बातें झूठी नहीं ठहराऊँगा।"
 
The Lord said, "If this is your wish, I will not enter. I will not prove your words false."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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