श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 21: भगवान द्वारा देवानंद को प्रताड़ना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  2.21.40 
ভক্তের সঙ্কল্প প্রভু না করে লঙ্ঘন
হাসে প্রভু শ্রীবাসের শুনিযা বচন
भक्तेर सङ्कल्प प्रभु ना करे लङ्घन
हासे प्रभु श्रीवासेर शुनिया वचन
 
 
अनुवाद
भगवान् अपने भक्तों के संकल्प कभी नहीं तोड़ते। श्रीवास की बात सुनकर भगवान् बस मुस्कुरा दिए।
 
God never breaks the vows of his devotees. Hearing Srivasa's words, the Lord simply smiled.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)