श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 21: भगवान द्वारा देवानंद को प्रताड़ना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.21.35 
প্রভু বলে,—“মোরে ও কি বিধি-প্রতিষেধ?”
তথাপিহ শ্রীনিবাস করযে নিষেধ
प्रभु बले,—“मोरे ओ कि विधि-प्रतिषेध?”
तथापिह श्रीनिवास करये निषेध
 
 
अनुवाद
भगवान बोले, “क्या मैं भी नियमों और विनियमों के अधीन हूँ?” फिर भी श्रीवास ने उन्हें रोक दिया।
 
The Lord said, “Am I also subject to rules and regulations?” Yet Srivasa stopped him.
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