|
| |
| |
श्लोक 2.21.32  |
মদ্য-গন্ধে বারুণীর হৈল স্মরণ
বলরাম-ভাব হৈল শচীর নন্দন |
मद्य-गन्धे वारुणीर हैल स्मरण
बलराम-भाव हैल शचीर नन्दन |
| |
| |
| अनुवाद |
| मदिरा की गंध पाकर शचीपुत्र को वारुणी का स्मरण हो आया और वह बलराम का रूप धारण कर लिया। |
| |
| Smelling the wine, Sachiputra remembered Varuni and assumed the form of Balarama. |
| ✨ ai-generated |
| |
|