vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा
»
श्लोक 88
श्लोक
2.20.88
স্কন্ধে কমলার নাথ, গুপ্তের নন্দন
রড দিযা পাক ফিরে সকল-অঙ্গন
स्कन्धे कमलार नाथ, गुप्तेर नन्दन
रड दिया पाक फिरे सकल-अङ्गन
अनुवाद
लक्ष्मीपति को अपनी पीठ पर उठाकर मुरारीगुप्त आँगन में दौड़े।
Murari Gupta picked up Lakshmipati on his back and ran into the courtyard.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×