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श्लोक 2.20.86  |
এই মোর স্কন্ধে প্রভু আরোহণ করঽ
আজ্ঞা কর, নিব কোন্ ব্রহ্মাণ্ড-ভিতর?” |
एइ मोर स्कन्धे प्रभु आरोहण करऽ
आज्ञा कर, निब कोन् ब्रह्माण्ड-भितर?” |
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| अनुवाद |
| “हे प्रभु, मेरी पीठ पर चढ़ो और मुझे बताओ कि मैं तुम्हें किस ब्रह्मांड में ले जाऊं।” |
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| “Lord, climb on my back and tell me which universe I should take you to.” |
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