श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.20.21 
ঽবড ভাই নিত্যানন্দঽ মুরারি জানিযা
চলিলা প্রভুর স্থানে আনন্দিত হৈযা
ऽबड भाइ नित्यानन्दऽ मुरारि जानिया
चलिला प्रभुर स्थाने आनन्दित हैया
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि नित्यानंद बड़े भाई हैं, मुरारी प्रसन्नतापूर्वक भगवान के दर्शन करने गए।
 
Knowing that Nityananda was the elder brother, Murari happily went to see the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)