श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.20.14 
স্বপ্নে দেখে—মহা-ভাগবতের প্রধান
মল্ল-বেশে নিত্যানন্দ চলে আগুযান
स्वप्ने देखे—महा-भागवतेर प्रधान
मल्ल-वेशे नित्यानन्द चले आगुयान
 
 
अनुवाद
स्वप्न में उन्होंने देखा कि सभी शुद्ध भक्तों में सबसे श्रेष्ठ नित्यानंद पहलवान का वेश धारण किये हुए उनकी ओर आ रहे हैं।
 
In his dream he saw Nityananda, the best of all pure devotees, coming towards him disguised as a wrestler.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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