श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 135
 
 
श्लोक  2.20.135 
ভিন্ন নাহি, ভেদ নাহি, এঽ সকল দেবে
এঽ সকল দেব চৈতন্যের পদ সেবে
भिन्न नाहि, भेद नाहि, एऽ सकल देवे
एऽ सकल देव चैतन्येर पद सेवे
 
 
अनुवाद
ये सभी देवता भगवान चैतन्य से भिन्न या पृथक नहीं हैं, क्योंकि वे सभी उनके चरणकमलों की सेवा करते हैं।
 
All these demigods are not different or separate from Lord Chaitanya, because they all serve His lotus feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)