श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  2.20.133 
সেই গৌরচন্দ্র ঽশেষঽ-রূপে মহী ধরে
চতুর্মুখ-রূপে সেই প্রভু সৃষ্টি করে
सेइ गौरचन्द्र ऽशेषऽ-रूपे मही धरे
चतुर्मुख-रूपे सेइ प्रभु सृष्टि करे
 
 
अनुवाद
वे भगवान गौरचन्द्र शेष रूप में ब्रह्माण्ड का पालन करते हैं और वही भगवान चतुर्मुख ब्रह्मा रूप में सृष्टि करते हैं।
 
That Lord Gaurchandra looks after the universe in the form of Shesh and the same Lord creates the universe in the form of Chaturmukh Brahma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)