श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  2.20.120 
ঽহায হাযঽ করে গুপ্ত মহা-দুঃখ-মনে
“মিথ্যা কথা কহিল তোমারে কোন্ জনে?”
ऽहाय हायऽ करे गुप्त महा-दुःख-मने
“मिथ्या कथा कहिल तोमारे कोन् जने?”
 
 
अनुवाद
मुरारी ने बड़े विलाप से कहा, "हाय! हाय! किसी ने आपसे झूठ कहा है।"
 
Murari said with great lamentation, "Alas! Alas! Someone has lied to you."
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