श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  2.19.75 
আমি করিলাম যে পৃথিবী-পর্যটন
অযোধ্যা, মথুরা, মাযা, বদরিকাশ্রম
आमि करिलाम ये पृथिवी-पर्यटन
अयोध्या, मथुरा, माया, बदरिकाश्रम
 
 
अनुवाद
“मैंने विश्व भर में अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और बदरिकाश्रम की यात्रा की है।
 
“I have travelled across the world to Ayodhya, Mathura, Haridwar and Badrikashram.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)