বিষ্ণু-ভক্তি-আশীর্বাদ—অক্ষয অব্যয
যে বলিলা গোসাঞি, তোমার যোগ্য নয”
विष्णु-भक्ति-आशीर्वाद—अक्षय अव्यय
ये बलिला गोसाञि, तोमार योग्य नय”
अनुवाद
"विष्णु की भक्ति का वरदान अक्षय और अविनाशी है। हे गोसांई, आपने जो कुछ कहा है, वह आपको शोभा नहीं देता।"
"The blessing of devotion to Vishnu is eternal and indestructible. O Gosain, what you have said does not suit you."
तात्पर्य
संपत्ति, संतान, रूपवती स्त्री तथा भौतिक विकास सभी क्षणभंगुर हैं, जबकि भगवान विष्णु सनातन हैं, वैष्णव सनातन हैं, और वैष्णवों की भगवान विष्णु की भक्ति सनातन है। विष्णु की भक्ति का वरदान नष्ट नहीं होता है और न ही ख़त्म हो सकता है। लोग तुम्हें 'गुरु' और 'गोसाईं' कहकर संबोधित करते हैं। यदि आप सचमुच ऐसे हैं, तो ऐसे सांसारिक, क्षणभंगुर वरदान देना तुम्हारे लिए कभी उचित नहीं है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥