श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 248
 
 
श्लोक  2.19.248 
ঘরে ঘরে পশ্চিমার খাইযাছে ভাত
এখানে হৈল আসিঽ ব্রাহ্মণের সাথ
घरे घरे पश्चिमार खाइयाछे भात
एखाने हैल आसिऽ ब्राह्मणेर साथ
 
 
अनुवाद
"उन्होंने पश्चिमी लोगों के घरों में खाना खाया है। अब वे यहाँ ब्राह्मणों के साथ मिल रहे हैं।"
 
"They've eaten in Westerners' homes. Now they're mixing with Brahmins here."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)