vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ
»
श्लोक 236
श्लोक
2.19.236
ভোজনে বসিলা তিন প্রভু এক ঠাঞি
বিশ্বম্ভর, নিত্যানন্দ, আচার্য-গোসাঞি
भोजने वसिला तिन प्रभु एक ठाञि
विश्वम्भर, नित्यानन्द, आचार्य-गोसाञि
अनुवाद
तब तीनों भगवान् - विश्वम्भर, नित्यानन्द और अद्वैत आचार्य - भोजन करने के लिए एक साथ बैठ गये।
Then the three Lords – Visvambhara, Nityananda and Advaita Acharya – sat down together to eat.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×