श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 228
 
 
श्लोक  2.19.228 
প্রভু বলে,—“শীঘ্র গিযা করহ রন্ধন
কৃষ্ণের নৈবেদ্য কর, করিব ভোজন”
प्रभु बले,—“शीघ्र गिया करह रन्धन
कृष्णेर नैवेद्य कर, करिब भोजन”
 
 
अनुवाद
भगवान ने उससे कहा, "जल्दी जाओ और कृष्ण के लिए भोग बनाओ। फिर हम खाएँगे।"
 
The Lord said to her, "Go quickly and prepare the offerings for Krishna. Then we will eat."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)