श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 219
 
 
श्लोक  2.19.219 
নিত্যানন্দ-অদ্বৈতে যে গালাগালি বাজে
সেই সে পরমানন্দ যদি জনে বুঝে
नित्यानन्द-अद्वैते ये गालागालि बाजे
सेइ से परमानन्द यदि जने बुझे
 
 
अनुवाद
यदि कोई नित्यानन्द और अद्वैत के बीच के सतही झगड़ों को समझ ले, तो उसे परम सुख की प्राप्ति होगी।
 
If one understands the superficial conflicts between Nityananda and Advaita, one will attain supreme happiness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)