श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 209
 
 
श्लोक  2.19.209 
যে আমার দাসের সকৃত্ নিন্দা করে
মোর নাম কল্প-তরু সṁহারে তাহারে
ये आमार दासेर सकृत् निन्दा करे
मोर नाम कल्प-तरु सꣳहारे ताहारे
 
 
अनुवाद
“मेरे मनोकामना पूर्ण करने वाले पवित्र नाम मेरे सेवक की निन्दा करने वाले को नष्ट कर देते हैं।
 
“My wish-fulfilling holy names destroy anyone who slanders my servant.
तात्पर्य
भगवान की इच्छा से विष्णु कि इल्युसरी उर्जा अज्ञानियों के मन में ''मैं कर्ता हूँ'' और ''मैं भोगता हूँ'' की कल्पना को प्रेरित करती है और इस प्रकार उन्हें धोखा देती है | स्वार्थी जीव अपने स्वातंत्र्य का दुरुपयोग कर कभी अपने को ''मायावादी'' मानते है और कभी गर्व से स्वयं को, जो कि प्रकृति के तीनों गुणों से दुखी है, को ''देवता'' मानते है| कृष्ण की आकर्षण से विचलित होने के प्रयास को भोग या भौतिक आनंद कहा जाता है और कृष्ण की सेवा के लिए प्रवृत्त होने के प्रयास को भक्ति या भक्ति सेवा कहा जाता है| वे मूर्ख दो पैर वाले पशु जो त्रिगुणात्मक संताप में रहते हुए भी सजीवों को स्वतंत्र मान कर उन पर कर्तृत्व की अवधारणा थोपते हैं, जबकि वे परम आश्रय के अंग मात्र हैं, केवल संसार का आनंद उठाने में लगे रहते हैं और न कृष्ण का सम्मान करते हैं न उनके भक्तों का | जब वे कर्म भावना के कारण जानवरों जैसे स्वभाव रूपी कर्तृत्व की अवधारणा को कम करने की इच्छा से परमेश्वर की सेवा में लगे रहते हैं और फिर भी भक्तों की सेवा प्राप्त करने से वंचित कर दिए जाते हैं तो उनमें भक्तों से ईर्ष्या को भगवान की भक्ति सेवा के रूप में चित्रित करने की इच्छा उत्पन्न हो जाती है| यही कारण है कि गौरसुंदर कह रहे हैं, ''मैं उन लोगों को मार कर अपनी करुणा का उदाहरण प्रस्तुत करता हूँ जो मुझे और मेरे प्रकाश विग्रह के अवतारों, मेरे विश्वस्त साथियों और स्वामी, जो मुझमें शरण लेनेवालों के आश्रय विग्रह या शरण हैं, में भेद करते हुए मेरी आराधना करने का दिखावा करते हैं| भगवान के भक्तों में सभी दिव्य गुण विद्यमान होते हैं| मुक्ति उनकी दासी है और भौतिक आनंद उनके हुक्म के वाहक हैं| इसलिए अगर घोर भौतिकवादी अभिमान से भक्तों की निंदा करने, निंदा करने और भौतिक दृष्टिकोण से और सांसारिक विचारों से उनका दुरुपयोग करने जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो परमेश्वर उन्हें नष्ट कर देता है|
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)