श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 206
 
 
श्लोक  2.19.206 
মহাতত্ত্ব অদ্বৈতের শুনিযা বচন
হুঙ্কার করিযা বলে শ্রী-শচীনন্দন
महातत्त्व अद्वैतेर शुनिया वचन
हुङ्कार करिया बले श्री-शचीनन्दन
 
 
अनुवाद
जब श्री शचीनंदन ने अद्वैत द्वारा परम सत्य की व्याख्या सुनी, तो वे जोर से गर्जना करके बोले।
 
When Sri Sachinandan heard Advaita's explanation of the Absolute Truth, he roared loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)