श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 200
 
 
श्लोक  2.19.200 
হিরণ্যকশিপু বর পাইযা ব্রহ্মার
লঙ্ঘিযা তোমারে গেল সবṁশে সṁহার
हिरण्यकशिपु वर पाइया ब्रह्मार
लङ्घिया तोमारे गेल सवꣳशे सꣳहार
 
 
अनुवाद
“हिरण्यकशिपु ने ब्रह्मा से वरदान प्राप्त किया था, फिर भी जब उसने आपकी अवहेलना की तो वह और उसके परिवार के सदस्य मारे गए।
 
“Hiranyakashipu had received a boon from Brahma, yet when he disobeyed you, he and his family members were killed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)