श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 197
 
 
श्लोक  2.19.197 
সূর্যের সাক্ষাত্ করিঽ রাজা সত্রাজিত্
ভক্তি-বশে সূর্য তান হৈলা বিদিত
सूर्येर साक्षात् करिऽ राजा सत्राजित्
भक्ति-वशे सूर्य तान हैला विदित
 
 
अनुवाद
राजा सत्राजित की भक्ति से प्रसन्न होकर सूर्यदेव उनके समक्ष प्रकट हुए।
 
Pleased with the devotion of King Satrajit, Sun God appeared before him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)