যে তোরে লঙ্ঘিযা করে মোরে নমস্কার
সে জন কাটিযাশির করে প্রতিকার
ये तोरे लङ्घिया करे मोरे नमस्कार
से जन काटियाशिर करे प्रतिकार
अनुवाद
“जो व्यक्ति आपका उल्लंघन करता है और मुझे प्रणाम करता है, वह अपने पूजनीय प्रभु का सिर काट रहा है और फिर स्थिति को सुधारने का प्रयास कर रहा है।
“The person who violates you and bows down to me is beheading his revered Lord and then trying to rectify the situation.
तात्पर्य
जो प्राणी तीनों गुणों से आवृत्त हैं और जो स्वयं को भोक्ता और सभी कार्यों का कर्ता मानते हैं, वे जो सेवा और मिथ्या अहंकार का ऊपरी तिरस्कार दर्शाते हैं, वह वास्तव में पूजनीय भगवान का अपमान मात्र है। सेवा के बिना दर्शन का प्रदर्शन मात्र सांसारिक भोगों के प्रति आसक्त प्राणियों द्वारा हरि की सेवा के प्रति घृणा का प्रकटीकरण मात्र है। अतः किसी के सांसारिक पिता, माता, मित्र, या प्रेमी को समर्पण दिखाना केवल अनुचित व्यवहार है जिसका उद्देश्य पूजनीय वस्तु को सेवक बनाना है। सेवा के लिए वास्तविक झुकाव के बिना सेवा का बाहरी प्रदर्शन अपने पूजनीय वस्तु के सिर को काटने जैसा है, दूसरे शब्दों में, यह अपने पूजनीय वस्तु पर अधिकार करना है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥