श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 193
 
 
श्लोक  2.19.193 
তোমারে লঙ্ঘিযা প্রভু শিব-পূজা কৈল
অতএব তার যজ্ঞে তাহারে মারিল
तोमारे लङ्घिया प्रभु शिव-पूजा कैल
अतएव तार यज्ञे ताहारे मारिल
 
 
अनुवाद
हे प्रभु, उसने आपका उल्लंघन किया और शिव की पूजा की। इसलिए वह अपने यज्ञ के दौरान मारा गया।
 
O Lord, he violated You and worshipped Shiva. Therefore, he was killed during his yajna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)