श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 192
 
 
श्लोक  2.19.192 
পুনঃ সেই মহা-ভযঙ্কর বাহুডিযা
চলিলা কাশীর রাজ-পুত্র পোডাইযা
पुनः सेइ महा-भयङ्कर बाहुडिया
चलिला काशीर राज-पुत्र पोडाइया
 
 
अनुवाद
वह भयानक प्राणी फिर काशी लौट आया और राजकुमार को जलाकर राख कर दिया।
 
That terrible creature then returned to Kashi and burnt the prince to ashes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)